यह Polity Notes उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में भारतीय शासन व्यवस्था से जुड़े प्रश्नों को मजबूत करना चाहते हैं। इसमें संविधान के मूल विचारों, सरकार की संरचना, नागरिक अधिकारों, न्यायपालिका, केंद्र-राज्य संबंधों और स्थानीय शासन तक सभी महत्वपूर्ण विषय सरल भाषा में समझाए गए हैं। उद्देश्य यह है कि छात्र केवल तथ्य याद न करें, बल्कि यह भी समझें कि विभिन्न संवैधानिक प्रावधान व्यवहार में कैसे काम करते हैं।
भारत का संविधान स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद एक व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत बनाया गया। संविधान सभा की कार्यप्रणाली, विभिन्न समितियों का योगदान और अलग-अलग देशों के संविधान से लिए गए सिद्धांतों का उपयोग इस भाग में स्पष्ट रूप से समझाया गया है। यहाँ संविधान की प्रस्तावना, उसके आदर्शों और मूल संरचना की अवधारणा को भी सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है, ताकि छात्र इसके उद्देश्य को बेहतर ढंग से समझ सकें।
मौलिक अधिकार प्रत्येक नागरिक को प्रदान किए गए ऐसे अधिकार हैं जो उसकी स्वतंत्रता और समानता की रक्षा करते हैं। समानता का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक उपचार का अधिकार इनमें शामिल हैं। इसके साथ ही मौलिक कर्तव्य नागरिकों को यह बताते हैं कि देश, संविधान और सामाजिक मूल्यों के प्रति उनकी ज़िम्मेदारियाँ क्या हैं। इस खंड में प्रत्येक अधिकार और कर्तव्य को आसान भाषा में समझाया गया है, साथ ही कुछ प्रमुख न्यायिक निर्णयों का संक्षिप्त उल्लेख भी किया गया है।
भारत की संघीय व्यवस्था में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का स्पष्ट बंटवारा किया गया है। तीन सूचियों—संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची—के आधार पर यह तय होता है कि कौन-सी शक्ति किस स्तर की सरकार के पास होगी। इस भाग में शक्तियों के वितरण, गवर्नर की भूमिका, केंद्र के निर्देशों और वित्तीय संसाधनों के बंटवारे को संतुलित दृष्टिकोण से समझाया गया है।
कार्यपालिका वह अंग है जो नीतियों को लागू करती है और प्रशासनिक निर्णयों को दिशा देती है। केंद्र में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री परिषद और राज्य स्तर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री कार्यपालिका का हिस्सा हैं। इस खंड में इनके अधिकार, कर्तव्य, नियुक्ति की प्रक्रिया और संवैधानिक प्रावधानों को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया है। आपातकाल और राष्ट्रपति शासन की अवधारणाओं को भी सरल तरीक़े से प्रस्तुत किया गया है।
राष्ट्रपति राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, जबकि प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यकारी प्रमुख होती हैं। इस भाग में इनके अधिकारों, शक्तियों और निर्णय प्रक्रिया की तुलना की गई है, जिससे परीक्षा में दोनों की भूमिकाओं से जुड़े प्रश्न आसानी से समझे जा सकें।
विधायिका कानून बनाने वाला अंग है। भारत में यह संसद के रूप में कार्य करती है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं। इस भाग में बिल बनने की प्रक्रिया, संसद के कार्य, सदस्यता के नियम और संसदीय समितियों के महत्व को सहज भाषा में समझाया गया है। परीक्षा में अक्सर लोकसभा और राज्यसभा के अधिकारों के अंतर से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं, जिन्हें यहाँ विस्तार से शामिल किया गया है।
किसी भी बिल के कानून बनने की प्रक्रिया—प्रस्ताव, परिचर्चा, समिति को भेजना, संशोधन, मतदान और अंत में राष्ट्रपति की स्वीकृति—को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया है ताकि छात्र इसे कम समय में याद कर सकें।
न्यायपालिका संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा करती है। सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय इसका हिस्सा हैं। इस खंड में न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र, न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया और न्यायिक समीक्षा की अवधारणा का सरल विश्लेषण दिया गया है। कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख भी किया गया है ताकि छात्रों को इनके प्रभाव का अंदाज़ा हो सके।
स्थानीय शासन व्यवस्था में ग्राम पंचायत से लेकर नगर निकाय तक कई संस्थाएँ शामिल हैं। 73वाँ और 74वाँ संशोधन स्थानीय शासन को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इस भाग में तीन-स्तरीय पंचायत व्यवस्था, नगर निकायों की संरचना, उनके वित्तीय अधिकार और स्थानीय विकास की प्रक्रियाओं को आसान भाषा में समझाया गया है।
संविधान समय के साथ समाज की आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित किया गया है। यहाँ 42वें, 44वें, 73वें और 74वें संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण संशोधनों की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और प्रभाव को स्पष्ट रूप से समझाया गया है। साथ ही विशेष राज्य प्रावधान और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का संक्षिप्त विवरण भी दिया गया है।
इस खंड में भारत की चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची, चुनावी नियम, निर्वाचन आयोग की भूमिका और चुनावी सुधारों की चर्चा की गई है। मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, चुनावी अपील और चुनाव के दौरान अपनाए जाने वाले प्रावधानों को भी संक्षेप में समझाया गया है। परीक्षा में इस विषय से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।