भारतीय संविधान भारत के लोकतांत्रिक शासन की नींव है। यह नागरिकों के अधिकारों, राज्य की जिम्मेदारियों और सरकार की संरचना को स्पष्ट करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में संविधान से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, जैसे संविधान कब लागू हुआ, संविधान निर्माता कौन थे, संविधान में मौलिक अधिकार और कर्तव्य आदि। इस सेक्शन का अभ्यास करने से आप संविधान की मूल अवधारणाओं को गहराई से समझेंगे और सभी अधिकारों एवं कर्तव्यों का सही ज्ञान पाएंगे।
भारत एक संघीय देश है जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शक्ति का विभाजन स्पष्ट किया गया है। इसमें राज्यों की शक्तियाँ, केंद्र और राज्य के अधिकार क्षेत्र, संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची शामिल हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर इन सूचियों, राज्य और केंद्र के कार्य, और संघीय विवादों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। नियमित अभ्यास से आप संघीय ढांचे के अंतर और केंद्र-राज्य संबंध को अच्छे से समझ पाएंगे।
केंद्र और राज्य के बीच शक्तियों का वितरण संविधान के अनुच्छेदों में निर्धारित है। इन शक्तियों को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि परीक्षा में केंद्र-राज्य विवाद, अनुसूची और शक्तियों की सीमा से जुड़े प्रश्न आते हैं। उदाहरण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, अपराध, और आर्थिक नीतियों में केंद्र और राज्य की भूमिका। इस सेक्शन में नियमित नोट्स और मॉक टेस्ट अभ्यास से आप आसानी से इन सवालों को हल कर सकते हैं।
मौलिक अधिकार नागरिकों की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए बनाए गए हैं, जैसे समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शिक्षा का अधिकार और सांस्कृतिक अधिकार। मौलिक कर्तव्य नागरिकों के दायित्व बताते हैं, जैसे संविधान का सम्मान करना, राष्ट्रीय ध्वज की रक्षा करना, और पर्यावरण की सुरक्षा करना। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर इन अधिकारों और कर्तव्यों से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। अभ्यास के दौरान अनुच्छेदों और संबंधित सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों को नोट करना लाभकारी रहेगा।
कार्यपालिका सरकार का वह हिस्सा है जो कानूनों को लागू करता है और प्रशासनिक कार्यों को संचालित करता है। इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद, राज्यपाल और राज्य सरकार शामिल हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर कार्यपालिका की संरचना, शक्तियाँ, कार्य और उनके सम्बन्ध में प्रश्न आते हैं। इस सेक्शन का अभ्यास करके आप राज्य और केंद्र के प्रशासनिक ढांचे को बेहतर समझ पाएंगे।
राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रमुख होता है और प्रधानमंत्री शासन का कार्यकारी प्रमुख। प्रतियोगी परीक्षा में अक्सर इनके शक्तियों, कार्यों, और अनुच्छेदों से प्रश्न पूछे जाते हैं। उदाहरण के लिए राष्ट्रपति की विशेष शक्तियाँ, आपातकाल का प्रावधान, और प्रधानमंत्री के कार्यकाल एवं कर्तव्य। यह सेक्शन हर उम्मीदवार के लिए महत्वपूर्ण है।
विधायिका वह संस्था है जो कानून बनाती है। इसमें संसद (लोकसभा और राज्यसभा) और राज्य विधानमंडल शामिल हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं जैसे संसद का कार्यकाल, विधि निर्माण की प्रक्रिया, बिल पारित करना, और संसदीय समितियाँ। अभ्यास के दौरान प्रक्रिया और चरणों को याद रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
संसद दो सदनों वाली है — लोकसभा और राज्यसभा। लोकसभा में निर्वाचित सदस्य होते हैं और राज्यसभा में राज्य प्रतिनिधि। प्रतियोगी परीक्षाओं में सदनों की कार्यविधि, अधिकार और जिम्मेदारी पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। इस सेक्शन के लिए नक्शे, आंकड़े और अनुच्छेद नोट्स बहुत मददगार रहते हैं।
न्यायपालिका कानूनों की व्याख्या करती है और संविधान की रक्षा करती है। इसमें सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय शामिल हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में न्यायपालिका के अधिकार, न्यायाधीशों की नियुक्ति, और महत्वपूर्ण निर्णयों से जुड़े प्रश्न आते हैं। अभ्यास के दौरान landmark judgements, संविधान संशोधन और वाद-विवाद के केस स्टडी पर ध्यान दें।
संविधान संशोधन और विशेष प्रावधान भारत की राजनीति और प्रशासनिक ढांचे को समयानुसार बदलते हैं। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य विशेष प्रावधान शामिल हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में amendment numbers, प्रमुख amendments और उनके प्रभाव से प्रश्न पूछे जाते हैं। इस सेक्शन का अभ्यास करना महत्वपूर्ण है ताकि आप संविधान में बदलाव और उनकी प्रासंगिकता को समझ सकें।