प्राचीन भारत का इतिहास काफी लंबे समय में विकसित हुआ है। इसका आरंभ सिंधु घाटी सभ्यता से माना जाता है, जहाँ लोगों में नगर नियोजन, व्यापार और सामाजिक व्यवस्था की अच्छी समझ थी। आगे चलकर वैदिक काल, महाजनपद, मौर्य और गुप्त साम्राज्य जैसे कई महत्वपूर्ण दौर आए। इस भाग में राजवंशों, उनकी उपलब्धियों, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़ी जानकारी शामिल है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछी जाती है।
मध्यकालीन भारत का इतिहास दिल्ली सल्तनत, मुगल शासन और क्षेत्रीय राज्यों के उदय से जुड़ा हुआ है। इस समय प्रशासन, संस्कृति, कला और स्थापत्य में अनेक बदलाव हुए। प्रतियोगी परीक्षाओं में इस काल से संबंधित प्रश्न अक्सर प्रमुख शासकों, युद्धों, वास्तुकला और सामाजिक व्यवस्था पर आधारित होते हैं।
आधुनिक भारत का समय 18वीं शताब्दी के मध्य से शुरू होता है, जब ईस्ट इंडिया कंपनी धीरे-धीरे राजनीतिक शक्ति हासिल करने लगी। 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों का नियंत्रण और मजबूत हुआ, लेकिन इसी दौर में राष्ट्रीय चेतना भी बढ़ी। स्वामी विवेकानंद, बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी जैसे नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दी। इस भाग में ब्रिटिश शासन, आंदोलन और भारत की स्वतंत्रता से जुड़ी घटनाएँ शामिल हैं।
विश्व इतिहास में दुनिया की कई सभ्यताएँ, साम्राज्य, युद्ध और राजनीतिक परिवर्तन शामिल हैं। प्राचीन मिस्र, यूनान, रोमन साम्राज्य से लेकर मध्यकालीन यूरोप, औद्योगिक क्रांति और आधुनिक विश्व युद्धों तक की घटनाएँ समाज और राजनीति दोनों को प्रभावित करती हैं। इस भाग से परीक्षाओं में अक्सर मानचित्र, तिथियों और प्रमुख घटनाओं पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।