भारत का भूगोल अपनी विविधता और प्राकृतिक संरचना के कारण काफी विस्तृत माना जाता है। उत्तर में ऊँचे हिमालय, बीच में उपजाऊ मैदान, पश्चिम का शुष्क मरुस्थल और दक्षिण का पठारी भाग—ये सभी भारत की भौगोलिक बनावट को अलग पहचान देते हैं। इस भाग में नदियों, पर्वतों, जल स्रोतों, प्राकृतिक संपदा और कृषि से जुड़े ऐसे तथ्य शामिल हैं जो अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
विश्व भूगोल में दुनिया के महाद्वीपों, महासागरों, बड़े पर्वतों, रेगिस्तानों और प्रमुख नदियों का अध्ययन किया जाता है। यहाँ आपको जलवायु क्षेत्रों, महासागरीय धाराओं, प्राकृतिक संसाधनों और मानचित्र आधारित महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलती हैं। यह सामग्री उन छात्रों के लिए उपयोगी है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में विश्व संबंधित प्रश्नों से परेशान होते हैं।
जलवायु और मौसम विज्ञान में भारत और विश्व के तापमान, वर्षा, हवाएँ, मानसून और मौसम आधारित बदलावों का अध्ययन शामिल है। इस भाग में ग्लोबल वार्मिंग, पर्यावरणीय परिवर्तन और जलवायु संरचना जैसे विषयों को सरल भाषा में समझाया जाता है, जो परीक्षाओं में लगातार पूछे जाते हैं।
भारत और विश्व के प्राकृतिक संसाधनों में खनिज, वन, जल स्रोत, ऊर्जा और कृषि उत्पादन शामिल हैं। इस भाग में प्रमुख फसलों, सिंचाई प्रणालियों और खेती से संबंधित महत्वपूर्ण आँकड़ों को सरल तरीके से जोड़ा गया है, जो परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
मानचित्र पढ़ना प्रतियोगी परीक्षाओं में अनिवार्य कौशल माना जाता है। यहाँ आपको भारत और विश्व के भौगोलिक क्षेत्र, नदियाँ, पर्वत, राज्य–राजधानी और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान सीखने में मदद मिलेगी। नियमित अभ्यास से आप मैप आधारित प्रश्नों को तेजी और सही तरीके से हल कर पाएँगे।